Gorakhpur में एयरपोर्ट का नाम ‘Mahayogi Guru Gorakhnath

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश — बोलते हैं कि नाम में ही पहचान होती है। इसी सोच के साथ हाल ही में गोरखपुर एयरपोर्ट को “Mahayogi Guru Gorakhnath Airport” नाम से जाना जाने की पहल हुई है। इस खबर ने शहर में उत्साह बढ़ा दिया है, साथ ही लोगों में यह सवाल भी चल रहा है कि इससे क्या बदलाव होंगे और यह निर्णय कितना ठोस है। चलिए जानते हैं पूरा सच ।

एयरपोर्ट परिसर में गुरु गोरक्षनाथ की प्रतिमा लगाने और हवाई अड्डे का नाम ‘महायोगी गुरु गोरखनाथ हवाई अड्डा’ करने पर भी सहमति बनी। सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में गोरखपुर शीघ्र ही नई उड़ानों और विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ देश में एक अलग पहचान बनाएगा।

गोरखपुर एयरपोर्ट का नाम बदलकर अब महायोगी गुरु गोरखनाथ हवाई अड्डा रखा जाएगा। सोमवार को एयरपोर्ट की सलाहकार समिति ने इसे सहमति दे दी। साथ ही एयरपोर्ट परिसर में गुरु गोरक्षनाथ की प्रतिमा भी लगाई जाएगी। सोमवार को सांसद रवि किशन शुक्ला ने सोमवार को गोरखपुर सिविल एयरपोर्ट पर हवाई अड्डा सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता की।

मुख्य एजेंडा गोरखपुर एयरपोर्ट का विकास, आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं का विस्तार रहा। सांसद ने कहा कि गोरखपुर एयरपोर्ट केवल हवाई अड्डा नहीं, बल्कि पूर्वांचल की पहचान है। इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करना उनका संकल्प है।

उन्होंने नए टर्मिनल भवन निर्माण, एमईएस संरचनाओं का रिलोकेशन, एप्रन एक्सटेंशन कार्यों की समयबद्ध पूर्णता और नई उड़ान सेवाओं की शुरुआत का प्रस्ताव रखा। जम्मू, पुणे, जयपुर, चंडीगढ़ और गोवा के लिए सीधी उड़ानें शुरू करने का सुझाव दिया गया।

साथ ही अपग्रेड कर एयरपोर्ट को 24 घंटे संचालन योग्य बनाने पर भी चर्चा हुई। यात्रियों की सुविधा के लिए एयरपोर्ट परिसर में गीता प्रेस की दुकान, हाईवे पर यात्री शेड व पेयजल व्यवस्था, मुख्य द्वार का सुंदरीकरण और बड़े एलईडी बोर्ड पर एयरपोर्ट का नाम प्रदर्शित करने जैसे प्रस्ताव रखे गए।

एयरपोर्ट परिसर में गुरु गोरक्षनाथ की प्रतिमा लगाने और हवाई अड्डे का नाम ‘महायोगी गुरु गोरखनाथ हवाई अड्डा’ करने पर भी सहमति बनी। सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में गोरखपुर शीघ्र ही नई उड़ानों और विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ देश में एक अलग पहचान बनाएगा।

बैठक में नामित सदस्य मनीष सिंह, आलोक अग्रवाल, शांतनु सर्राफ, एडीएम सिटी अंजनी सिंह, निदेशक विमानपत्तन आरके पाराशर, एजीएम संचार एवं प्रभारी परिचालन विजय कौशल, विनोद कुमार सिंह, मुख्य हवाई अड्डा सुरक्षा अधिकारी सहित एएआई और संबंधित एयरलाइंस के अधिकारी मौजूद रहे।

गोरखपुर में “Mahayogi Guru Gorakhnath” नाम से एयरपोर्ट की पुनर्नामीकरण की यह योजना सिर्फ एक नाम बदलने से ज़्यादा है। यह शहर की सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक पहचान और विकास की आकांक्षाओं का सम्मिलित स्वरूप है। अगर नाम के साथ वह कार्य भी हो जो जनता उम्मीद कर रही है — बेहतर सुविधाएँ, उड़ान-संख्या में इज़ाफ़ा, यात्री अनुभव में सुधार — तो यह कदम शहर के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।

यह नामकरण न सिर्फ एक प्रतीक है, बल्कि गोरखपुर के लिए आगे बढ़ने, जुड़ने और विकसित होने की चेतावनी है कि “नाम के साथ काम भी होना चाहिए”।

अभी क्या स्थिति है — नामकरण का क्या हुआ?

  • एयरपोर्ट सलाहकार कमेटी की एक हालिया बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा हुई है कि गोरखपुर एयरपोर्ट को आधिकारिक रूप से Mahayogi Guru Gorakhnath के नाम से जाना जाए।
  • साथ में प्रस्तावित है कि एयरपोर्ट को 24-घंटे चलने वाला बनाना है यानी दिन-रात उड़ान सेवाएँ सुनिश्चित होँ।
  • एयरपोर्ट आईएलएस (Instrument Landing System) Category-II में अपग्रेड किया जाए ताकि कम दृश्यता और खराब मौसम में भी उड़ानें संभव हो सकें।
  • इसके अलावा, बड़े हॉल, बेहतर यात्री सुविधाएँ, LED स्क्रीन पर नाम प्रदर्शन, प्रवेश द्वार की सुंदरता और गुरु-गोरखनाथ की मूर्ति लगाए जाने जैसे कार्य भी प्रस्तावित हैं।

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