कई महीनों की इंतज़ार के बाद आखिरकार The Family Man Season 3 रिलीज़ हुआ, और जैसे ही ये OTT पर आया, दर्शकों में फिर से वही उत्सुकता, वही जोश देखने को मिला। पिछले दोनों सीज़न ने लोगों के दिलों में ऐसी जगह बनाई थी कि तीसरे सीज़न से उम्मीदें और भी ज्यादा थीं। तो क्या यह सीज़न उन उम्मीदों पर खरा उतरा?
कहानी: इस बार दांव और बड़ा है
सीज़न 3 की कहानी आपको एकदम शुरुआत से पकड़ लेती है। इस बार बैकड्रॉप नॉर्थ-ईस्ट का है, और यहाँ जो राजनीति, संघर्ष और साज़िशें चलती हैं, उन्हें काफी असली तरीके से दिखाया गया है। कहानी सिर्फ आतंकवाद बनाम एजेंसी वाली लाइन तक सीमित नहीं रहती—यह बहुत सारी परतें खोलती है।
एक तरफ देश की सुरक्षा का बड़ा खतरा है, दूसरी तरफ Srikant का परिवार, जहां रिश्ते पहले से ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं। यही दो दुनिया, जिन्हें बैलेंस करते हुए Srikant की असली लड़ाई सामने आती है—ये सिर्फ दुश्मनों से नहीं, खुद की भावनाओं से भी है।
Srikant Tiwari: एक थका हुआ हीरो, जो फिर भी नहीं रुकता
Manoj Bajpayee इस सीज़न की जान हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि Srikant को एक “perfect hero” नहीं दिखाया गया। वह इस बार ज्यादा टूटे हुए, उलझे हुए, और कई बार emotionally vulnerable दिखते हैं।
लेकिन यही vulnerability उन्हें real बनाती है।
कई सीन ऐसे हैं जहाँ आप उनके चेहरे की बेचैनी देखकर खुद भी रुक जाते हैं। चाहे घर की परेशानी हो या देश का तनाव—Srikant हर पल टूटता है और फिर उठता भी है। यही दबे-दबे जज़्बात इस किरदार को आज भी उतना ही relatable बनाते हैं।
नए किरदार—कहानी में ताजगी और खतरा दोनों
सीज़न 3 में कुछ नए किरदार जोड़े गए हैं जो कहानी को नई दिशा देते हैं। चाहे वो स्थानीय नेता हों, मिलिटेंट्स हों, या कुछ ऐसे लोग जिन्हें आप शुरुआत में समझ नहीं पाते—उनकी एंट्री से कहानी में depth आती है।
खास बात ये है कि इस बार villains सिर्फ “बुरे लोग” नहीं दिखते। उनके पास अपना नैरेटिव है, अपनी वजहें हैं, और यही चीज़ इस सीज़न को और mature बनाती है।
एक्शन और इमोशन—दोनों टॉप गियर में
The Family Man हमेशा से एक्शन और इमोशन का सही ब्लेंड रहा है, और इस बार ये संतुलन और अच्छा दिखता है।
एक्शन सीक्वेंस crisp हैं, ground-realistic हैं, और ओवरद-टॉप नहीं लगते। गोलियों की आवाज़, चेस सीन्स और tactical प्लानिंग—सब कुछ काफी engaging है।
इमोशनल सीन भी कम नहीं हैं। Srikant और उसकी पत्नी, बच्चों और उनके रिश्तों का तनाव इस बार ज्यादा mature और grounded लगता है। यह शो सिर्फ जासूसी की दुनिया नहीं दिखाता बल्कि उस आदमी की दुनिया भी दिखाता है जो इसके पीछे अपनी सारी शांति खो देता है।
सीज़न की कमज़ोरियाँ—क्यों लोग mixed reactions दे रहे हैं?
कहानी जितनी layered है, कुछ जगहों पर वही layers इस सीज़न को धीमा कर देती हैं। चलिए साफ-साफ बात करते हैं:
1. कहानी कभी-कभी भारी लगती है
बहुत सारे sub-plots हैं जो हर किसी को पसंद आएँ, ज़रूरी नहीं। कुछ दर्शकों को ये हिस्सा थोड़ा confusing लगा।
2. Mid-Episodes की pace
बीच के कुछ एपिसोड में कहानी की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। वहां थोड़ा patience चाहिए।
3. क्लाइमैक्स अधूरा सा
शायद इस सीज़न का सबसे बड़ा discussion point—उसका अंत।
कहानी कई सवाल छोड़कर खत्म होती है। इससे कुछ लोगों को लगा कि सीज़न जल्दबाज़ी में wrap किया गया।
क्या आपको इसे देखना चाहिए?
अगर आप The Family Man के पुराने फैन हैं, तो बिल्कुल हाँ!
ये सीज़न बहुत ज्यादा mature है—एक ऐसी कहानी जिसके पीछे गहरी राजनीति है, गहरे भावनात्मक संघर्ष हैं और असल दुनिया की झलक है।
कभी-कभी भारी लगता है, कभी धीरे चलता है, लेकिन यह वही शो है जहाँ हर सीन कुछ कहता है। और Manoj Bajpayee जिस तरह Srikant को निभाते हैं—इसके लिए तो सीज़न देखना ही चाहिए।
The Family Man Season 3 एक grounded, intelligent और भावनात्मक पॉलिटिकल थ्रिलर है। यह वो सीज़न है जो सिर्फ मनोरंजन नहीं देता बल्कि सोचने पर मजबूर करता है। इसकी beauty इसके imperfections में भी है ।