India vs Pakistan Asia Cup 2025 : 14 सितंबर 2025 को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में हुआ ग्रुप A का मुकाबला, भारत बनाम पाकिस्तान, क्रिकेट प्रेमियों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं था। इस मैच में भारत ने पाकिस्तान को 7 विकेट से हरा दिया। यह जीत भारतीय टीम की दबदबा वाली रणनीति, खासकर उनके स्पिन गेंदबाज़ों की किफायती गेंदबाज़ी, और बल्लेबाज़ों की संयमित शुरुआत का नतीजा थी।
प्रेजेंटेशन में पाकिस्तानी कप्तान सलमान आगा का कोई इंटरव्यू नहीं था।
सूर्यकुमार यादव | भारतीय कप्तान: (भीड़ हैप्पी बर्थडे के नारे लगा रही है) बहुत अच्छा एहसास और भारत के लिए एक बेहतरीन रिटर्न गिफ्ट। मानवीय प्रवृत्ति है कि जब आप इसके बारे में सोचते हैं तो यह आपके दिमाग में घूमता रहता है (जीत को रिटर्न गिफ्ट बताने वाली उनकी पिछली पंक्ति)। आप निश्चित रूप से इसे जीतना चाहते हैं और जब आप इसे जीतते हैं, तो आपके पास यह तैयार होता है। एक बॉक्स जिस पर मैं हमेशा टिक करना चाहता था – वहीं टिक करना और अंत तक बल्लेबाजी करना। पूरी टीम के लिए, हम इसे बस एक और मैच समझते हैं। हम सभी विरोधियों के लिए एक जैसी तैयारी करते हैं। कुछ महीने पहले भी ऐसा ही हुआ था।
चैंपियनशिप जीतने वाली टीम ने (अपने स्पिन-भारी आक्रमण के साथ) माहौल बनाया। मैं हमेशा से स्पिनरों का प्रशंसक रहा हूँ क्योंकि वे बीच में खेल को नियंत्रित करते हैं। बस कुछ कहना चाहता था। एकदम सही अवसर, समय निकालकर, हम पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के परिवारों के साथ खड़े हैं। हम अपनी एकजुटता व्यक्त करते हैं। इस जीत को अपने सभी सशस्त्र बलों को समर्पित करना चाहते हैं जिन्होंने बहुत बहादुरी दिखाई। उम्मीद है कि वे हम सभी को प्रेरित करते रहेंगे और जब भी हमें मैदान पर मौका मिले, हम उन्हें मुस्कुराने का और भी कारण देंगे।
कुलदीप यादव | प्लेयर ऑफ़ द मैच: आसान है। बस अपनी योजनाओं पर अमल करो। देखो कौन बल्लेबाज़ी कर रहा है और उसके अनुसार प्रतिक्रिया दो। मेरे पास अपनी योजनाएँ थीं और मैंने उन्हें लागू किया। पहली गेंद हमेशा विकेट लेने वाली होती है, बस उसी मानसिकता के साथ खेलना है और विकेट लेने वाली गेंद को अंजाम देना है। बल्लेबाज़ भले ही जम गया हो, लेकिन वह पहली बार मेरा सामना कर रहा है। फिर भी मुझे लगता है कि मुझे अपनी गेंदबाज़ी पर बहुत काम करने की ज़रूरत है। कभी-कभी मुझे लगता है कि मैं बहुत ज़्यादा विविधताएँ इस्तेमाल करता हूँ।
पिच, शुरुआत और पाकिस्तान की स्थिति
पाकिस्तान ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी का फैसला किया। उनकी शुरुआत ठीक नहीं रही—विकेट जल्दी गिरते गए और मध्यक्रम दबाव में आ गया।
साहिबज़ादा फरहान ने कुछ उम्मीद जगाते हुए 40 रन की पारी खेली, और शाहीं शाह अफ़रीदी ने अंत में 33* रन बनाते हुए टीम को कुछ सम्मानजनक आंकड़े तक पहुंचाया। लेकिन कुल योग 127/9 रहा, जो कि बड़े मुकाबले के लिए काफी कम था।
भारत का लक्ष्य और पीछा
भारत को लक्ष्य आसान सा नहीं दिखा क्योंकि शुरुआत में शुबमन गिल जल्दी आउट हो गए। लेकिन वहीं से युवाओं ने मोड़ लाया। अभिषेक शर्मा ने ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ी करते हुए 31 रन मात्र 13 गेंदों में बनाये, जो कि पावरप्ले को मजबूत बनाने में अहम था।
इसके बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने नर्वसियों को शांत करते हुए छक्कों और चौकों की मदद से 47 नाबाद (37 गेंदों में) रन बनाए, वहीं तिलक वर्मा ने 31 रन की संतुलित पारी खेली। इस साझेदारी ने भारत को आसानी से लक्ष्य तक पहुँचाया, बस 15.5 ओवर में।
गेंदबाज़ी की भूमिका
भारत की स्पिन ट्रायो ने पाकिस्तान की बल्लेबाज़ी को पूरी तरह तोड़ दिया। कुलदीप यादव ने 3 विकेट लेकर पाकिस्तान के मध्यक्रम को चकनाचूर किया।
इसके अलावा, आक्षर पटेल और जसप्रीत बुमराह ने भी महत्वपूर्ण विकेट लिए, जिससे पाकिस्तान की टीम कोई बड़ी साझेदारी नहीं कर सकी। उनके साथ भारतीय ऑफ़ीशियल गेंदबाज़ों ने भी अच्छी लाइन और लेंथ में गेंदबाज़ी करते हुए विपक्षी बल्लेबाज़ों को सँभलने का समय नहीं दिया।
जीत का महत्व और प्रभाव
- यह जीत भारत के लिए भावनात्मक भी थी क्योंकि यह भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष के बाद पहला मुकाबला था।
- कप्तान सूर्यकुमार यादव ने इस जीत को भारत की सशस्त्र सेनाओं और पाहलगाम हमले की शिकारियों को समर्पित किया।
- इस मैच के दौरान पारंपरिक “हैंडशेक” को लेकर विवाद हुआ: भारतीय टीम मैच के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया। पाकिस्तान के कोच और कप्तान ने इस निर्णय को लेकर निराशा जताई।
बल्लेबाज़ी, विकल्प और कुछ आलोचनाएँ
भारत की बल्लेबाज़ी ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन मिश्रण दिखाया। अभिषेक शर्मा की शुरुआत ने दबाव को कम किया। तिलक-सूर्यकुमार की साझेदारी ने मैच का पेंच खोल दिया। विपक्ष को केवल Shaheen Afridi की पारी थोड़ी राहत दे पायी।
पाकिस्तान की बल्लेबाज़ी में मध्यक्रम की बड़ी कमी और शुरुआती विकेटों का दबाव ध्यान देने योग्य रहा। रणनीतिक निर्णय जैसे पहले बल्लेबाज़ी करना अपेक्षित रूप से पीछे पड़ा क्योंकि पिच पर स्पिन ने बाद में भारी प्रभाव डाला।
परिणाम सारांश
| टीम | स्कोर / रन-गिरावट | लक्ष्य पीछा | परिणाम |
|---|---|---|---|
| पाकिस्तान | 127/9 (20 ओवर) | — | — |
| भारत | 131/3 (15.5 ओवर) | पूरा चेज़ | 7 विकेट से जीत |
मैन ऑफ़ द मैच रहे कुलदीप यादव, जिन्होंने 3/18 लेकर खेल टिल्ट किया।
आगे का रास्ता
इस जीत के साथ भारत ग्रुप A में अपनी स्थिति मजबूत कर चुका है, सुपर-4 की दौड़ में एक कदम और आगे बढ़ा है। पाकिस्तान को अब अन्य मैचों में अच्छी शुरुआत और बेहतर विरोधी बल्लेबाज़ी पर कब्ज़ा करना होगा। इस मुकाबले ने यह भी दिखाया कि टीमों के बीच राजनीति के बाद भी क्रिकेट मैदान पर दबदबा किस तरह से होता है।