The Girlfriend — एक इमोशनल ड्रामा जो रिश्तों की कड़वी हकीकत दिखाता है

The Girlfriend, 7 नवंबर 2025 को रिलीज़ हुई, एक इमोशनल ड्रामा/रोमांस फिल्म है जिसमें मुख्य भूमिका में Rashmika Mandanna, Dheekshith Shetty, साथ ही सह-भूमिकाओं में Anu Emmanuel, Rao Ramesh आदि शामिल हैं। निर्देशक हैं Rahul Ravindran।

फिल्म एक युवती — Bhooma — की कहानी है, जो एक कॉलेज छात्रा है। प्यार, आकर्षण और भरोसे के साथ शुरू हुआ रिश्ता धीरे-धीरे एक ऐसे जाल में बदल जाता है जहाँ controlling व्यवहार, emotional manipulation और toxic relationships के सारे रंग उभर कर सामने आते हैं।

क्या खूब है

  • Rashmika Mandanna की परफॉर्मेंस — सबसे बड़ी ताकत: समीक्षकों ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि Rashmika ने Bhooma के किरदार में vulnerability, बदलती मानसिकता, दर्द और हिम्मत — हर वो एहसास इतने सलीके से निभाया है कि फिल्म का emotional core मजबूत बना रहता है।
  • टॉक्सिक रिलेशनशिप और realistic conflicts — फिल्म दिखाती है कि कैसे प्यार और भरोसे के आड़ में controlling behaviour, possessiveness और emotional abuse छुपा हो सकता है। यह तरफ-तरीक़े से कई ऐसे पहलू सामने लाती है जिसे अक्सर फिल्मों में चमक-धमक में नहीं दिखाया जाता।
  • कहानी का संदेश और सामाजिक प्रासंगिकता — “प्‍यार” के नाम पर आए वाले दबाव, आत्मसम्मान की लड़ाई, युवतियों की चुनौतियों को फिल्म एक संवेदनशील तरीके से पेश करती है। कई क्षण ऐसे हैं जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देते हैं कि रिश्तों में boundaries, respect और consent कितने मायने रखते हैं।
  • कुछ दृश्यों का फिल्मांकन और बैकग्राउंड स्कोर — कुछ सीन, जैसे climax या mirror-scene (जहाँ Bhooma का internal संघर्ष दिखता है) — निर्देशक ने ठीक लय में पेश किया है। बैकग्राउंड म्यूज़िक और साउंड डिज़ाइन भी emotional scenes में मदद करते हैं।

कमियाँ

  • रिलेशनशिप की toxicity को दिखाते समय realism का अभाव — कुछ दर्शकों और आलोचकों का कहना है कि controlling boyfriend, abusive father या दोस्तों का रिएक्शन — इन सबको दिखाते समय फिल्म ज़्यादा dramatized लगती है; यानि कि कहानी कहीं-कहीं believable नहीं रहती।
  • पहलू कमजोर और कहानी में असमान गति — कई रिव्यूस में कहा गया है कि फिल्म की शुरुआत धीमी है, और बीच-बीच में कहानी ठहराव महसूस कराती है। इसका असर overall engagement पर पड़ता है।
  • कुछ किरदारों और सब-प्लॉट्स में कमजोरी — विशेष रूप से supporting पात्र (जैसे Anu Emmanuel की भूमिका, या Rao Ramesh के पिता का किरदार) को पर्याप्त depth नहीं दिया गया। इससे फिल्म का कुछ भाग over-the-top या clichéd लगता है।
  • क्लाइमैक्स और अंतिम भाग का execution कमजोर — फिल्म का अंत और उसकी emotional लड़ाई, कुछ लोगों को over-dramatic लगा; मतलब उम्मीद जितनी थी, उतनी पकड़ नहीं रही।

न-कौन दर्शक इसे देखें

  • अगर आपको भावनात्मक, सच्चे रिश्तों और आधुनिक सामाजिक मुद्दों पर बनी फिल्में पसंद हैं — खासकर जहाँ toxic relationships, emotional abuse, और आत्म-सम्मान जैसे विषयों को दिखाया गया हो — तो The Girlfriend आपके लिए देखने लायक है।
  • जो दर्शक intense romantic dramas देखते हैं, समझना चाहते हैं कि प्यार और possessiveness के बीच किस तरह का फर्क होता है, उन्हें यह फिल्म प्रभावित कर सकती है।
  • लेकिन अगर आप फास्ट-पेस, मसालेदार, बहुत ज्यादा रोमांस या हल्के-फुल्के मनोरंजन की तलाश में हैं, तो यह फिल्म आपकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सकती — क्योंकि इसकी पटकथा और लय इसे “slow-burn emotional drama” बनाती है।

निष्कर्ष

The Girlfriend एक सम्माननीय कोशिश है — जो दिखाती है कि प्यार सिर्फ मीठा रोमांस नहीं, कभी-कभी दर्दनाक जाल भी हो सकता है। Rashmika Mandanna की परफॉर्मेंस इसे देखने लायक बनाती है, और फिल्म का मुख्य संदेश — toxic love, emotional suffocation, आत्म-सम्मान और आत्म-निरपेक्षता — बहुत ज़रूरी है।

हालाँकि फिल्म की pace और कुछ कमजोरियां इसे एक “परफेक्ट” फिल्म नहीं बनातीं। लेकिन इसकी सच्चाई, rawness और संवेदनशीलता इसे उन फिल्मों में शामिल करती है, जिन्हें देखने के बाद आप सोचेंगे — “क्यों मैं किसी रिश्ते में अपनी आवाज़ दबा कर बैठ जाऊँ?”

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