Gujarat CM Bhupendra Patel scheme के तहत राज्य सरकार ने 13 लाख से अधिक छात्रों के बैंक खातों में ₹724 करोड़ की सीधी वित्तीय सहायता ट्रांसफर की है। यह ट्रांसफर डिजिटल माध्यम से DBT (Direct Benefit Transfer) सिस्टम के अंतर्गत किया गया, जिसका उद्देश्य शिक्षा को बढ़ावा देना और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की मदद करना है।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल द्वारा की गई यह पहल न केवल शिक्षा क्षेत्र को सशक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को भी मजबूती देती है। ₹724 करोड़ की सीधी वित्तीय सहायता से लाखों छात्रों को लाभ मिलेगा, जिससे वे किताबें, यूनिफॉर्म और अन्य शैक्षणिक सामग्री आसानी से खरीद सकेंगे। यह DBT स्कीम पारदर्शिता और भ्रष्टाचार रहित वितरण सुनिश्चित करती है। इससे ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर तबकों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में बड़ा सहारा मिलेगा। यह गुजरात को एक शिक्षा-प्रेरित राज्य के रूप में स्थापित करता है।
मुख्यमंत्री ने छात्रों के लिए खोला सहायता का खजाना
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर से एक डिजिटल समारोह में DBT ट्रांसफर की शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि शिक्षा का अधिकार हर बच्चे का है, और सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि पैसों की कमी किसी भी छात्र की पढ़ाई में बाधा न बने।
किन योजनाओं के तहत हुआ ट्रांसफर?
Gujarat student yojana के अंतर्गत यह राशि उन छात्रों को दी गई है जो प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा संस्थानों में अध्ययन कर रहे हैं। इसमें निम्नलिखित योजनाएं शामिल थीं:
| योजना का नाम | लाभार्थी छात्र | राशि (₹ में) |
|---|---|---|
| मुख्यमंत्री छात्र सहायता योजना | 4,50,000+ | ₹250 करोड़ |
| कन्या शिक्षा प्रोत्साहन योजना | 2,80,000+ | ₹150 करोड़ |
| SC/ST/OBC छात्रवृत्ति योजना | 3,20,000+ | ₹200 करोड़ |
| दिव्यांग और विशेष आवश्यकता वाले छात्र | 50,000+ | ₹24 करोड़ |
| ग्रामीण क्षेत्र स्कूल ड्रेस और किताब | 2,00,000+ | ₹100 करोड़ |
DBT योजना से क्या लाभ?
724 crore student transfer डिजिटल भुगतान के ज़रिए छात्रों के बैंक अकाउंट में सीधे भेजा गया। इस प्रणाली से निम्नलिखित फायदे हुए:
- बिचौलियों और घोटालों पर लगाम
- पारदर्शी वितरण प्रणाली
- समय पर राशि का वितरण
- प्रत्येक छात्र को आधार कार्ड और जनधन अकाउंट से जोड़कर राशि भेजी गई
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मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा:
“छात्रों को आत्मनिर्भर बनाना हमारी प्राथमिकता है। सरकार हर वर्ग के छात्रों को प्रोत्साहित करने और उन्हें नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।”
उन्होंने आगे कहा कि यह सिर्फ एक ट्रांसफर नहीं बल्कि छात्रों में आत्मविश्वास और प्रगति का बीज है।
लाभार्थियों की प्रतिक्रिया
13 लाख छात्रों में से कई ने सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया में सरकार का आभार जताया। शालिनी पटेल, एक ग्रामीण स्कूल की छात्रा ने बताया:
“मेरे परिवार की स्थिति ठीक नहीं है, लेकिन इस राशि से मेरी नई किताबें और यूनिफॉर्म खरीदना अब संभव हो पाएगा।”
इस पहल का राजनीतिक और सामाजिक असर
- यह ट्रांसफर ऐसे समय हुआ है जब गुजरात में आगामी स्थानीय निकाय चुनाव की तैयारी चल रही है
- राजनीतिक विशेषज्ञ इसे सामाजिक कल्याण से जुड़ा मास्टरस्ट्रोक मान रहे हैं
- विपक्ष ने सवाल उठाए हैं कि यह योजना चुनावी घोषणा है या दीर्घकालिक नीति
आगे क्या?
राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि यह पहल वार्षिक रूप से जारी रहेगी और अगली किश्त सितंबर 2025 तक ट्रांसफर की जाएगी। इसके लिए छात्रों को आधार लिंक बैंक अकाउंट और पोर्टल रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
निष्कर्ष
Gujarat CM Bhupendra Patel scheme शिक्षा क्षेत्र में एक प्रेरणादायक पहल है, जिसमें 724 करोड़ का वितरण यह सिद्ध करता है कि सरकार सिर्फ घोषणाओं तक सीमित नहीं, बल्कि अमल करने में भी अग्रणी है।
आने वाले समय में अगर इस योजना को निरंतरता मिलती है, तो यह गुजरात को शिक्षा के क्षेत्र में रोल मॉडल राज्य बना सकती है।