क्रिकेट इतिहास में शायद ही कभी BCCI (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) और ECB (इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड) एक साथ आए हों—लेकिन Saudi T20 league opposition के मामले में दोनों ने मिलकर एक बड़ा कदम उठाया है। यह टूर्नामेंट, जिसे Saudi अरब की SRJ Sports Investments द्वारा $400–500 मिलियन (लगभग ₹3,400–4,300 करोड़) निवेश के साथ तैयार किया जा रहा था, अब इन दो बोर्डों की संयुक्त रणनीति की वजह से संकट में है।
क्यों विरोध?
1. NOC ब्लॉक
Lords में आयोजित ICC World Test Championship फाइनल के दौरान BCCI और ECB ने सहमति बनाई कि वह अपने खिलाड़ियों को इस लीग के लिए No Objection Certificate (NOC) नहीं दे पाएंगे 1। इससे भारतीय और इंग्लिश क्रिकेट स्टार्स बोल्ड रूप में इस लीग से बचेंगे।
2. ICC में पैरवी
दोनों बोर्ड ICC से भी आग्रह करेंगे कि वह इस लीग को आधिकारिक मान्यता देने से मना करे—और चूंकि ICC के अध्यक्ष जय शाह पूर्व BCCI सचिव हैं, यह कदम प्रभावशाली दिखाई देता है ।
आर्थिक पिच पर टक्कर
- IPL की वेल्थ: $12 बिलियन
- The Hundred: फ्रैंचाइज़ी बिक्री से £520 मिलियन (लगभग $700 मिलियन)
- Saudi T20 league: $400–500 मिलियन में निवेश की योजना — इसमें फ्रेंचाइज़ी मॉडल, ग्रैंड-स्लैम फॉर्मेट और पुरुष-जैसे प्रतियोगिताओं का विस्तार शामिल था।
यह आर्थिक टकराव सही मायने में वैश्विक क्रिकेट की रणनीतिक लड़ाई में तब्दील हो गया है।
कैलेंडर और पात्रता चुनौतियाँ
- Schedule crunch: ICC कैलेंडर पहले से ही तंग है—IPL, BBL, The Hundred और अंतरराष्ट्रीय सीरीज के साथ यह नई लीग फिट होना मुश्किल है ।
- Player pool: बिना भारतीय व इंग्लिश खिलाड़ियों के लीग का आकर्षण सीमित हो सकता है, क्योंकि इन दोनों देशों में सबसे ज्यादा दर्शक हैं ।
Cricket Australia का अलग दृष्टिकोण
- Cricket Australia (CA) इस लीग को सकारात्मक देख रहा है—क्योंकि Big Bash League में PIF निवेश से लाभ मिलने की उम्मीद है ।
- ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी संघ (ACA) का समर्थन भी इससे जुड़ा है—इससे पुरुष और महिला दोनों क्रिकेटर्स को नया आर्थिक मंच मिलेगा।
Reddit और सोशल रिएक्शन्स
“Without Indian players they won’t be successful… So it won’t be happening”
“BCCI is not going to give away their control… Saudi *can and will spend ungodly amount of money to make it work.”
“ECB is trying to protect the recent sale of Hundred… Saudi’s success means other leagues would have failed.”
Reddit उपयोगकर्ता इस बहस में सक्रिय हैं—कुछ ने देखा है कि IPL और Hundred को बचाने का प्रयास हो रहा है, जबकि अन्य ने Saudi की आर्थिक ताकत को चुनौती माना है।
रणनीतिक विश्लेषण
- दरअसल, यह पैसे का मामला — Saudi अरब की “sportswashing” नीति क्रिकेट में भी लग रही है। इससे IPL व Hundred जैसी लीगों की रणनीतिक संतुलन पर fråga उठता है ।
- ICC की भूमिका महत्वपूर्ण — जय शाह की अध्यक्षता में ICC निर्णय लेना आसान होगा, लेकिन विरोध के बीच लीग को मंजूरी मिलना संभवता कठिन है।आर्थिक संतुलन-प्रबंधन — BCCI-ECB ने स्पष्ट कर दिया है कि अपनी मौजूदा लीग संरचनाओं (IPL, The Hundred) को जोखिम में नहीं होने देंगे
- यदि BCCI और ECB की रणनीति सफल रही, तो Saudi T20 league को बिना Indian और English खिलाड़ियों के उलटा सामना करना होगा।
- CA के सहयोग से ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की भागीदारी हो सकती है—लेकिन क्या यह IPL के स्तर तक पहुंच पाएगा?
- ICC मान्यता मिलने पर league के भविष्य की राह खुल सकती है, लेकिन फिलहाल विरोध की दिवार बरकरार है।
Saudi T20 league opposition पहले ही पांचों कोनों से दबाव में है — आर्थिक टकराव, खिलाड़ियों की अनुपस्थिति, कैलेंडर की कसरत, ICC मान्यता की बाधा और BCCI-ECB का स्पष्ट विरोध। यह केवल देशी बोर्डों का सैन्य गठबंधन नहीं—बल्कि क्रिकेट युद्ध का रणनीतिक मोर्चा है।
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