दिल्ली के विज्ञान भवन में 23 सितंबर 2025 को हुए 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह (National Film Awards) ने भारतीय सिनेमा के लिए एक ऐतिहासिक दिन साबित किया। इस समारोह में शाहरुख खान, विक्रांत मैसी, और रानी मुखर्जी को उनके अभिनय के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया — और यह कई मायनों में उनका पहला राष्ट्रीय पुरस्कार है।

कौन-कौन सी फिल्में और किस तरह के रोल?
National Film Awards 2025
- शाहरुख खान को Jawan में उनकी भूमिका के लिए Best Actor (Leading Role) का पुरस्कार मिला। यह उनकी 30 से ज्यादा साल की फिल्मी करियर में पहली बार है कि उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से यह सम्मान प्राप्त हुआ।

- विक्रांत मैसी (Vikrant Massey) ने 12th Fail फिल्म में IPS अधिकारी मनोज कुमार शर्मा की भूमिका निभाई और इसी के लिए उन्होंने शाहरुख के साथ Best Actor साझा किया। यह फिल्म एक “स्लीपर हिट” रहीं जिसने अपेक्षित बजट से कहीं ज़्यादा सफलता पायी।

- रानी मुखर्जी ने Mrs. Chatterjee vs Norway फिल्म में एक माँ की भूमिका निभाई, जो अपने बच्चों को नॉर्वे में खोने के बाद कानूनी लड़ाई लड़ती है। उनके इस अभिनय को Best Actress का पुरस्कार मिला।

अन्य सम्मान और विशेष बातें
- 12th Fail को Best Feature Film का पुरस्कार भी मिला।
- Kathal: A Jackfruit Mystery को Best Hindi Film का सम्मान दिया गया।
- वरिष्ठ अभिनेता मोहनलाल को भारतीय सिनेमा में लंबी सेवा और योगदान के लिए दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड प्रदान किया गया।
यह क्यों है एक महत्वपूर्ण मोड़?
- शाहरुख खान ने दसियों सफल फिल्में दी हैं,्यी नाटकीय, वाणिज्यिक और सामाजिक विषयों पर काम किया है, लेकिन राष्ट्रीय पुरस्कार पाने में उन्हें अब तक इंतजार करना पड़ा। यह जीत इसलिए विशेष है क्योंकि यह उनके सक्सेस की झड़ी में एक नई इबारत जोड़ती है।
- रानी मुखर्जी के लिए भी यह पहला राष्ट्रीय पुरस्कार है — उनके अभिनय करियर में यह एक भावनात्मक और सम्मानजनक उपलब्धि है।
- विक्रांत मैसी ने सैद्धांतिक और सीमित बजट की फ़िल्म में निभाए गए रोल के लिए वह मान्यता पायी जो अक्सर बड़े बजट या बड़े सितारों को मिलती है। यह उनके लिए भी करियर को और आगे बढ़ाने वाला कदम है।
क्या दर्शकों और आलोचकों की राय है?
- Jawan की व्यावसायिक सफलता पहले से ही स्थापित थी, लेकिन इस पुरस्कार ने बताय़ा कि ब्लॉकबस्टर और सामाजिक मुद्दों के मिश्रण को भी कला-पटल पर मान्यता मिलती है।
- 12th Fail की कहानी, प्रस्तुति और विक्रांत के अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों ने बहुआयामी भावनाओं और प्रेरणादायक विषयों के लिए सराहा है।
- Mrs. Chatterjee vs Norway जैसी फिल्में जो छोटे-बड़े संघर्षों और सामजिक न्याय की कहानियों को दिखाती हैं, आज विशेष ध्यान पा रही हैं क्योंकि दर्शक अब बड़ी-दस भूमिका और गंभीर कहानियों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
अन्य तथ्य
- पुरस्कारों द्वारा ध्यान इस बात का रहा कि 2023 की फिल्मों में जो मुद्दे उभरे हैं — असमानता, सामाजिक न्याय, लघु-बजट की कहानियाँ — उनकी कहानियों को सम्मान मिले।
- इस साल पुरस्कारों की सूची में क्षेत्रीय सिनेमा का भी विशेष स्थान था — तमिल, मलयालम, गुजराती आदि भाषाओं की फिल्मों को भी उनके-अपने-भाषाई श्रेणियों में अवार्ड मिले।
71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार ने यह साबित कर दिया है कि समय आने पर मान्यता हर कलाकार को मिलती है। शाहरुख खान के लिए यह पुरस्कार दिन भर का नहीं, बल्कि तीन दशकों की मेहनत और योगदान का फल है। विक्रांत मैसी जैसे अभिनेता के लिए यह साबित करता है कि सीमित बजट की फिल्में भी बड़े मंच पर अपना प्रभाव छोड़ सकती हैं। रानी मुखर्जी ने फिर यह दिखाया है कि गंभीर विषयों पर काम करना और उसमें आत्मा झोंकना, सिनेमा में सम्मान दिलाता है।
इस समारोह ने बॉलीवुड और भारतीय सिनेमा को याद दिलाया कि सफलता सिर्फ़ प्रतिस्पर्धा, व्यापार-बुकिंग या सितारों की संख्या नहीं है, बल्कि कला-कردار, नैतिकता और कहानी की गहराई का सम्मान भी होना चाहिए। यह एक मोड़ है — जहाँ दर्शक-निर्माता-ज Jury सभी मिलकर तय करते हैं कि कौन-सी कहानी, कौन-सी भूमिका याद रखी जाएगी।